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time:2021-10-20 02:30:34 एनपीएस में निवेश की उम्र सीमा बढ़कर हो सकती है 70 साल! Views:4591

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60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए भी एनपीएस अकाउंट खोलने और उसे कंटिन्यू करने का फैसला किया जा सकता है.
पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ने अब नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में लोगों की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए एंट्री की अधिकतम उम्र को 65 से बढ़ाकर 70 साल करने पर विचार कर रही है.

पीएफआरडीए के चेयरमैन सुप्रतिम बंदोपाध्याय ने इस बारे में कहा, "हम वास्तव में 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए भी एनपीएस अकाउंट खोलने और उसे कंटिन्यू करने पर विचार कर रहे हैं हम चाहते हैं कि लोग 75 साल की उम्र तक एनपीएस में निवेश करते रहें."

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नेशनल पेंशन सिस्टम में अभी 70 साल की उम्र तक योगदान किया जा सकता है. बंदोपाध्याय ने कहा कि पिछले 3.5 साल में 60 साल से अधिक उम्र के करीब 15,000 लोगों ने एनपीएस ज्वाइन किया है. इसी अवधि में एनपीएस को ज्वाइन करने की उम्र सीमा 60 से बढ़ाकर 65 साल कर दी गई थी.

एनपीएस और अटल पेंशन योजना को नियंत्रित करने वाली पेंशन अथॉरिटी ने कहा है कि 31 मार्च तक एनपीएस के सब्सक्राइबर बेस में 23 फ़ीसदी का ग्रोथ देखा गया है. अब इसमें योगदान करने वाले लोगों की संख्या करीब सवा चार करोड़ हो गई है. अगर बात इन दोनों पेंशन योजनाओं के तहत कुल संपत्ति प्रबंधन की करें तो यह 5.78 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है.

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बंदोपाध्याय ने कहा कि पिछले साल कोरोनावायरस की वजह से कई चुनौतियां आई लेकिन इसके बाद भी पेंशन योजना में निवेश करने वाले लोगों की संख्या और रकम दोनों बढ़ी है. पीएफआरडीए को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में नेशनल पेंशन सिस्टम और अटल पेंशन योजना में 1 करोड़ से अधिक ग्राहकों को जोड़ा जा सकता है, पिछले वित्त वर्ष में इन दोनों पेंशन योजनाओं ने 83 लाख से अधिक ग्राहक जोड़े थे.

पेंशन नियामक वास्तव में एक प्रस्ताव पर विचार कर रहा है जिसमें पेंशन अमाउंट ₹3,00,000 तक होने पर पूरी रकम की निकासी की इजाजत दे दी जाए. इस समय पेंशन अकाउंट से ₹2,00,000 या उससे कम के रकम की निकासी की ही इजाजत दी गई है.

पीएफआरडीए जल्द ही एक रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल लेकर भी आने वाला है जिसमें एनपीएस के तहत किए जाने वाले निवेश पर मिनिमम गारंटीड पेंशन दिया जाएगा. यह वास्तव में पेंशन फंड मैनेजर को लाइसेंस पर 45 दिन का विंडो देने के साथ किया जा सकता है.

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डेट म्‍यूचुअल फंडों की कई कैटेगरी हैं. मनी मार्केट म्‍यूचुअल फंड उनमें से एक है. ये स्‍कीमें उन लोगों के लिए मुफीद होती हैं जो अपने निवेश के साथ बहुत कम जोखिम लेना चाहते हैं. चूंकि ये स्‍कीमें छोटी अवधि के इंस्‍ट्रूमेंट में पैसा लगाती हैं. इसलिए इन पर अर्थव्‍यवस्‍था में ब्‍याज दर में होने वाले बदलाव का ज्‍यादा असर नहीं पड़ता है. मनी मार्केट इंस्‍ट्रूमेंट के साथ कम जोखिम होने के कारण भी इनमें निवेश अपेक्षाकृत सुरक्षित होता है. आइए, यहां इनके बारे में कुछ जरूरी बातों को जानते हैं.

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