भारत में lovebet उपयोगकर्ता

भारत में lovebet उपयोगकर्ता

time:2021-10-21 09:18:54 इंटरनेशनल फंड के बारे में जानिए अपने हर सवाल का जवाब Views:4591

विश्व गेमिंग निगम भारत में lovebet उपयोगकर्ता betway - मतलब हिंदी में,लियोवेगास बोनस कोड,lovebet 778,lovebet का क्रिकेट चैलेंज,lovebet यूके लाइव चैट,३६५बेट,बैकरेट ब्लैकलिस्ट,बैकरेट रेटिंग,पांच टेनिस टूर्नामेंटों में सर्वश्रेष्ठ,कारा मेनंग रूले लाइव,कैसीनो ऑनलाइन असली नकद,शतरंज सेट,क्रिकेट डिलीवरी,दा जी दा लि,यूरोपीय कप फुटबॉल स्कोर प्रश्नोत्तरी,फ़ुटबॉल यूरोपीय कप शेड्यूल,जुआ स्लॉट मशीन धोखा देती है,खुश किसान वायलिन,indibet ग्राहक सेवा,जैकपॉट खेल एकाधिकार,सट्टेबाजों की ओर से नवीनतम ऑफ़र,मेरे पास लाइव रूले कैसीनो,लॉटरी ठीक है,एम.स्लॉट33,ऑनलाइन कैसीनो ग्रैंड स्लैम,ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय मनोरंजन मंच,ऑनलाइन स्लॉट ब्रिटेन तेजी से निकासी,पोकर 94,पोकरस्टार्स और स्लोवेनस्कु,रूले वीडियो वेगास,रम्मी क्या होता है,एसजी क्रिकेट बॉल,जीएसटी के स्लॉट,खेल आप खेल सकते हैं,तीन पत्ती असली पैसा,सबसे मजेदार फुटबॉल ऑनलाइन गेम,आभासी वास्तविकता क्रिकेट खेल की कीमत,विश्व क्लब रैंकिंग,असली पैसे,कैटरीना झारखंड,खेलो पर जुआ dashboard,जोकर चित्र,पोकरण,बेटा उठ जाओ,लाइव ऑनलाइन बैकारेट कहां है,स्टेटस विडियो डाउनलोड, .इंटरनेशनल फंड के बारे में जानिए अपने हर सवाल का जवाब

टैक्स के लिहाज से इंटरनेशनल फंड को वही दर्जा हासिल है, जो डेट म्यूचुअल फंड का है. इस फंड में तीन साल से कम समय तक निवेश बनाए रखने पर निवेशक को इसके मुनाफे पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स देना पड़ता है.
पिछले कुछ समय से इंटरनेशनल फंड की बहुत चर्चा हो रही है. इसकी वजह इन फंडों में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी है. हालांकि, अब भी निवेशकों को ऐसे फंड़ों के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है. इंटरनेशनल फंड का मतलब क्या है? क्या इन फंडों में निवेश का क्या फायदा है? क्या आपको इस फंड में निवेश करना चाहिए? आइए इन सवालों का जवाब जानने की कोशिश करते हैं.

इंटरनेशनल फंड में आपको क्यों निवेश करना चाहिए?
जोखिम घटाने के लिए इक्विटी म्यूचुअल फंडों के पोर्टोफोलियो का डायवर्सिफिकेशन जरूरी है. डायवर्सिफिकेशन का मतलब अलग-अलग तरह के फंडों में निवेश है. कई बार भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहता है, जबकि विदेशी बाजार का प्रदर्शन अच्छा होता है. दुनिया के कई बाजारों का भारत से ज्यादा संबंध नहीं है. ऐसे में इंटरनेशनल फंड में निवेश से डायवर्सिफिकेशन में मदद मिलती है. इससे आपका जोखिम घट जाता है.

निवेशकों के लिए इंटरनेशनल फंड में निवेश के लिए कौन-कौन से विकल्प हैं?
आज भारतीय निवेशकों के लिए इंटरनेशनल फंड के कई विकल्प हैं. ये देश, क्षेत्र, थीम और टेक्नोलॉजी पर आधारित हैं. कोई भारतीय निवेशक रुपये में इन इंटरनेशनल फंडों में निवेश कर सकता है. आप सामान्य म्यूचुअल फंड की तरह इंटरनेशनल फंड का चुनाव कर उसमें ऑनलाइन या ऑफलाइन निवेश कर सकते हैं.

इंटरनेशनल फंड किस तरह विदेशी शेयरों में निवेश करते हैं?
भारतीय बाजार में मौजूद इंटरनेशनल फंड सीधे विदेशी कंपनियों के शेयरों में या विदेश के दूसरे फंडों में निवेश करते हैं. दूसरे फंडों में निवेश को फीडर रूट कहा जाता है. यह एक तरह से फंड ऑफ फंड की तरह है.

यह भी पढ़ें : एनपीएस में निवेश की उम्र सीमा बढ़कर हो सकती है 70 साल!

इंटरनेशनल फंडों के रिटर्न पर किस तरह टैक्स लगता है?
टैक्स के लिहाज से इंटरनेशनल फंड को वही दर्जा हासिल है, जो डेट म्यूचुअल फंड का है. इस फंड में तीन साल से कम समय तक निवेश बनाए रखने पर निवेशक को इसके मुनाफे पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स देना पड़ता है. टैक्स की दर निवेशक के टैक्स स्लैब के अनुसार होती है. तीन साल से ज्यादा वक्त तक फंड में निवेश बनाए रखने पर निवेशक को इंडेक्सेशन का फायदा मिलता है. इसकी वजह यह है कि इसे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस माना जाता है. इंडेक्सेशन के बाद टैक्स की दर 20 फीसदी होती है.

क्या इंटरनेशनल फंड में निवेश करने में बहुत जोखिम है?
शेयरों में निवेश से जुड़े जोखिम के अलावा ऐसे फंड में निवेश से करेंसी का जोखिम भी जुड़ा होता है. दूसरे देश की मुद्रा के मुकाबले रुपये में कमजोरी और मजबूती का असर आपके रिटर्न पर पड़ता है. भारत में निवेशक रुपये में निवेश करता है. लेकिन, म्यूचुअल फंड कंपनी को उस देश की मुद्रा में इंटरनेशनल फंड में निवेश करना पड़ता है, जहां का वह फंड होता है. इसलिए इंटरनेशनल फंड में निवेश करने से पहले आपको करेंसी में होने वाले उतार-चढ़ाव के जोखिम के लिए तैयार रहना होगा.

हिंदी में पर्सनल फाइनेंस और शेयर बाजार के नियमित अपडेट्स के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज. इस पेज को लाइक करने के लिए यहां क्लिक करें.

टॉपिक

इंटरनेशनल फंडडेट फंडइक्विटी म्यूचुअल फंडम्यूचुअल फंडफंड ऑफ फंड

ETPrime stories of the day

Tech on board: Chalo navigates the tricky terrain of mass mobility with its ‘OS for buses’
Strategy

Tech on board: Chalo navigates the tricky terrain of mass mobility with its ‘OS for buses’

8 mins read
Rahul vs. Rakesh: turbulence ahead for IndiGo as promoters turn up the heat in legal battle
Aviation

Rahul vs. Rakesh: turbulence ahead for IndiGo as promoters turn up the heat in legal battle

10 mins read
Inside story of how Centrum and BharatPe ‘unified’ for their banking dream. But challenges start now.
Banking

Inside story of how Centrum and BharatPe ‘unified’ for their banking dream. But challenges start now.

15 mins read

सामान्‍य सिप के मामले में निवेशक सिप की अवधि में अपना कॉन्ट्रिब्‍यूशन नहीं बढ़ा सकते हैं. अगर वे इसे बढ़ाना चाहते हैं तो उन्‍हें नए सिरे से सिप शुरू करना होगा या एकमुश्त निवेश करने की जरूरत होगी.साल में कम से कम एक निवेश की समीक्षा जरूर करें और दोबारा संतुलन बनाएं. अपने लिए पर्याप्‍त लाइफ इंश्‍योरेंस खरीदें.फ्रैंकलिन टेम्पलटन एमएफ से आपको अपना निवेश कब निकालना चाहिए?

यूनिट लिंक्ड इंश्‍योरेंस प्‍लान यानी यूलिप और म्यूचुअल फंड कई मायनों में अलग होते हैं. यह और बात है कि कई लोग इन्‍हें एक जैसा प्रोडक्ट समझने की भूल कर बैठते हैं. आपको भी अगर ऐसी गलतफहमी है तो यहां हम इन दोनों के बीच कुछ महत्वपूर्ण अंतरों के बारे में बता रहे हैं.शेयरों में निवेश से जुड़े जोखिम के अलावा इंटरनेशनल फंड में निवेश से करेंसी का जोखिम भी जुड़ा होता है. दूसरे देश की मुद्रा के मुकाबले रुपये में कमजोरी और मजबूती का असर आपके रिटर्न पर पड़ता है.डॉ रेड्डीज लैब के शेयरों में क्‍यों निवेश की सलाह दे रहे हैं विश्लेषक?

सुकन्या समृद्धि स्‍कीम में बेटी के जन्‍म के बाद उसके नाम पर खाता खुलवाया जा सकता है. उसके 10 साल का होने तक ऐसा किया जा सकता है.नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में लोगों की दिलचस्पी बढ़ाने की कई कोशिश की जा रही है.बुजुर्गों को मिले ज्‍यादा ब्‍याज, एससीएसएस की लिमिट बढ़ाकर ₹50 लाख की जाए

पूरा पाठ विस्तारित करें
संबंधित लेख
रम्मीकल्चर केवाईसी

यूनिट लिंक्ड इंश्‍योरेंस प्‍लान यानी यूलिप और म्यूचुअल फंड कई मायनों में अलग होते हैं. यह और बात है कि कई लोग इन्‍हें एक जैसा प्रोडक्ट समझने की भूल कर बैठते हैं. आपको भी अगर ऐसी गलतफहमी है तो यहां हम इन दोनों के बीच कुछ महत्वपूर्ण अंतरों के बारे में बता रहे हैं.

ऑनलाइन रियल मनी स्पोर्ट्स एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म

पिछले 10 साल में ओएनजीसी अपने उत्पादन में कोई बड़ी बढ़ोतरी करने में नाकामयाब रही है.

ऑनलाइन पोकर játék

यूनिट लिंक्ड इंश्‍योरेंस प्‍लान यानी यूलिप और म्यूचुअल फंड कई मायनों में अलग होते हैं. यह और बात है कि कई लोग इन्‍हें एक जैसा प्रोडक्ट समझने की भूल कर बैठते हैं. आपको भी अगर ऐसी गलतफहमी है तो यहां हम इन दोनों के बीच कुछ महत्वपूर्ण अंतरों के बारे में बता रहे हैं.

नियम मध्यबिंदु

भारतीय नियामकों का ऐसी करेंसी को लेकर रुख स्पष्ट नहीं है. उन्‍होंने साफ-साफ कुछ भी नहीं कहा है कि भारतीय इनमें ट्रेड करें या नहीं.

स्टेटस इमेज

साल में कम से कम एक बार निवेश की समीक्षा जरूर करें और उसे दोबारा बैलेंस करें.

संबंधित जानकारी
गरम जानकारी